पांवटा साहिब- अमित कुमार
, 25 सितंबर 2026। गांव बहराल और सातीवाला में हाथियों के झुंड ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों ने किसान मदन लाल, धियान, लालचंद, सुरेश पवार, नरेश पवार, रविकांत तथा ओम दत्त पुत्र स्वर्गीय श्री गोपाल सहित अन्य किसानों के खेतों में लगी धान और हरे चारे की फसलों को बर्बाद कर दिया।
फसल नुकसान का जायजा लेने के लिए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के ब्लॉक पांवटा साहिब अध्यक्ष जसविंदर सिंह बिलिंग, वन विभाग के गार्ड प्रदीप कुमार, वन विभाग के बीओ रामकरण, ग्राम पंचायत के उपप्रधान जगदीश चंद तथा बीडीसी सदस्य कश्मीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण कर फसल नुकसान का जायजा लिया।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सरकार से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड और हरियाणा में जंगली जानवरों से फसल नुकसान होने पर किसानों को कथित तौर पर 15,000 से 25,000 रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा दिया जाता है। यूनियन ने हिमाचल प्रदेश सरकार से भी इसी तरह प्रभावित किसानों को उचित राहत देने की मांग की है।
जसविंदर सिंह बिलिंग ने कहा कि हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से किसानों में भारी रोष है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान का जल्द आकलन करवाकर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सरकार से मामले में शीघ्र कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध करवाने की मांग की है।


















































