जामा मस्जिद मदरसा के बच्चों ने पिलाया शरबत, इंसानियत और भाईचारे की पेश की मिसाल

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पांवटा साहिब:

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच पांवटा साहिब की जामा मस्जिद मदरसा के बच्चों ने मानव सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राहगीरों, वाहन चालकों, मजदूरों और स्थानीय लोगों को ठंडा शरबत पिलाया। इस सेवा कार्य का उद्देश्य गर्मी से राहत पहुंचाने के साथ-साथ समाज में प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देना रहा।


मदरसा के बच्चों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ शरबत वितरण किया। उन्होंने हर आने-जाने वाले का मुस्कुराकर स्वागत किया और सभी को समान भाव से शरबत पिलाया। इस दौरान लोगों ने बच्चों की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि छोटी उम्र में ऐसे संस्कार समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।
इस अवसर पर मदरसा के शिक्षकों और जिम्मेदार लोगों ने कहा कि सेवा करना, जरूरतमंदों की मदद करना और समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखना हर इंसान की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों के बीच प्रेम, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हैं।
शरबत वितरण के दौरान बड़ी संख्या में राहगीरों और स्थानीय लोगों ने इसका लाभ उठाया। लोगों ने मदरसा के बच्चों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की सेवा गतिविधियां समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं और इंसानियत की असली पहचान कराती हैं।

वही शरबत वितरण के बाद मदरसा के बच्चों ने स्वच्छता का भी दिया संदेश
शरबत वितरण कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मदरसा के बच्चों ने सड़क और आसपास पड़े इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक व कागज़ के गिलास स्वयं इकट्ठा किए और उन्हें डस्टबिन में डालकर स्वच्छता का संदेश भी दिया। बच्चों ने यह साबित किया कि केवल सेवा करना ही नहीं, बल्कि अपने आसपास की सफाई बनाए रखना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
इस पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की। लोगों ने कहा कि बच्चों ने इंसानियत, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वच्छता—तीनों का एक साथ बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी यह पहल दूसरों के लिए भी प्रेरणा है कि किसी भी सामाजिक आयोजन के बाद सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखा जाए।