ईएसआई और समय पर वेतन को लेकर भी कर्मचारियों ने उठाए सवाल, 2 अक्टूबर से हड़ताल की चेतावनी

पांवटा साहिब। नगर पालिका परिषद पांवटा साहिब के सफाई कर्मचारियों की मांगों और स्थानांतरण नीति को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पिछले करीब 24 घंटे से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों के समर्थन में मजदूर नेता प्रदीप चौहान और दलित नेता अमित कुमार नगर पालिका परिसर पहुंचे।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें ईएसआई की सुविधा/अंशदान का लाभ नहीं मिल रहा है और वेतन भी समय पर नहीं दिया जाता, जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने प्रशासन से इन मामलों की जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर नगर पालिका प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि महिला सफाई कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे कर्मचारियों के हित में उनके साथ खड़े हैं।
वहीं दलित नेता अमित कुमार ने भी सफाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान सफाई कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर शहर की सफाई व्यवस्था संभाली थी। ऐसे कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
कर्मचारियों का कहना है कि स्थानांतरण, ईएसआई और वेतन सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर वे लंबे समय से परेशान हैं। उन्होंने मांग की है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए और बिना उचित कारण कर्मचारियों के स्थानांतरण पर रोक लगाई जाए।
प्रदर्शनकारी कर्मचारी नगर पालिका परिसर में नारेबाजी करने के बाद एसडीएम कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 2 अक्टूबर से हड़ताल शुरू की जा सकती है।
प्रदीप चौहान और अमित कुमार ने कहा कि वे सफाई कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में उनके साथ खड़े हैं और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन में भी शामिल होंगे।
अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन कर्मचारियों द्वारा उठाए गए ईएसआई, वेतन और स्थानांतरण से जुड़े मुद्दों पर क्या कार्रवाई करता है।



















































