अमित कुमार
शिमला: हिमाचल प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों को लेकर सरकार ने नया आरक्षण रोस्टर लागू करने का निर्णय लिया है। अब पंचायत चुनावों में आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर तय किया जाएगा। इससे पहले ओबीसी आरक्षण के लिए 1993-94 के सर्वेक्षण को मान्य माना जाएगा।
पंचायतीराज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण का निर्धारण जनसंख्या अनुपात के आधार पर किया जाएगा। पंचायत प्रधान पद के लिए विकास खंड (ब्लॉक) को इकाई बनाया गया है और उसी आधार पर रोस्टर तय होगा।
महिलाओं को 50% आरक्षण
पंचायतीराज संस्थाओं में कुल आरक्षित पदों में से 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। यह प्रावधान अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग पर भी लागू होगा। यानी SC/ST वर्ग के आरक्षित पदों में भी आधे पद महिलाओं के लिए सुरक्षित रहेंगे।
विकास खंड स्तर पर होगा निर्धारण
पंचायत प्रधान के आरक्षण के लिए विकास खंड को आधार बनाया गया है। संबंधित वर्ग की जनसंख्या यदि किसी पंचायत क्षेत्र में पांच प्रतिशत से कम है, तो उस वर्ग के लिए वहां पद आरक्षित नहीं होगा।
31 मार्च तक जारी होगा रोस्टर
विभाग द्वारा 31 मार्च तक आरक्षण रोस्टर जारी करने की तैयारी है, ताकि चुनाव प्रक्रिया समय पर शुरू की जा सके। नए रोस्टर से पहले चल रही असमंजस की स्थिति भी अब समाप्त मानी जा रही है।
सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों से पंचायत चुनाव अधिक पारदर्शी और जनसंख्या आधारित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेंगे।














































