कथित शराब नीति घोटाले मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दोनों नेताओं को आरोपों से बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों के समर्थन में पर्याप्त और ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें प्रमाणित करने के लिए ठोस साक्ष्य आवश्यक होते हैं। अदालत के इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया।
यह मामला दिल्ली की कथित नई शराब नीति से जुड़ा था, जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से बहस चल रही थी। विपक्षी दलों ने इसे बड़ा घोटाला करार दिया था, जबकि आम आदमी पार्टी ने शुरू से ही आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।
कोर्ट के फैसले के बाद अब राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने की संभावना है। पार्टी नेताओं ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे “सत्य की जीत” बताया है। वहीं विपक्ष की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।















































