मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के सराहनीय प्रयासों से बच्चे को परिजनों से मिलवाया

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मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के मानवीय एवं संवेदनशील प्रयासों से एक मासूम बच्चे को सुरक्षित उसके माता पिता से मिलवाया गया। संस्था के सक्रिय सदस्य अमित कुमार एवं तरुण कुमार को गुरुद्वारा ग्राउंड में मनी सिंह एवं मनोज गुप्ता द्वारा सूचना दी गई कि पाँवटा साहिब के खेल मैदान में एक बच्चा अकेला रो रहा है और अपने माता-पिता से बिछड़ गया है।

सूचना मिलते ही दोनों सदस्य मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि बच्चा कड़ाके की ठंड में कांप रहा था। बच्चे के पैरों में जूते नहीं थे और उसने न तो स्वेटर पहना हुआ था और न ही पर्याप्त कपड़े। मानवता का परिचय देते हुए मनी सिंह ने तुरंत अपने घर से बच्चे के लिए जूते, कपड़े एवं स्वेटर मंगवाए और बच्चे को पहनाए, जिससे उसे ठंड से राहत मिल सके।

इसके पश्चात बिना किसी देरी के दोनों सदस्यों ने पूरी घटना की जानकारी संस्था के निदेशक डॉ. अनुराग गुप्ता को दी। डॉ. अनुराग गुप्ता के निर्देशानुसार तुरंत अमित कुमार द्वारा चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क किया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन के अथक प्रयासों से पुलिस थाना पाँवटा साहिब को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित रूप से पुलिस थाना पाँवटा साहिब ले जाया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही संस्था की अध्यक्ष पुष्पा खंडूजा एवं निदेशक डॉ. अनुराग गुप्ता भी पुलिस थाना पहुंचे। वहां उन्होंने बच्चे से स्नेहपूर्वक बातचीत कर उसका भरोसा जीता और उससे उसके स्कूल एवं परिवार से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया। प्राप्त जानकारी के आधार पर बच्चे के स्कूल के अध्यापकों से संपर्क किया गया, जिनकी सहायता से बच्चे के माता-पिता तक पहुंच बनाई गई।

बाद में बच्चे के माता-पिता को पुलिस थाना बुलाया गया और सभी आवश्यक औपचारिकताओं के पश्चात बच्चे को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। इस अवसर पर माता-पिता को भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक सावधानियों एवं जिम्मेदारियों के बारे में समझाया गया।

मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं पुलिस प्रशासन के आपसी समन्वय से यह मानवीय कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी, तत्परता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।