शिमला।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में आयोग ने 20 जनवरी को राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक के लिए मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पंचायती राज विभाग और शहरी विकास विभाग के सचिवों को आमंत्रित किया गया है।
राज्य चुनाव आयोग इस बैठक में हाई कोर्ट द्वारा तय की गई 30 अप्रैल की डेडलाइन से पहले पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने को लेकर संभावित शेड्यूल पेश करेगा। साथ ही प्रदेश में चल रही परिसीमन व पुनर्गठन प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार का पक्ष भी सुना जाएगा। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में सभी संबंधित पक्षों को आपसी सहमति से समाधान निकालने का सुझाव दिया है।

इसी के तहत राज्य चुनाव आयोग, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (राजस्व विभाग), पंचायती राज विभाग और शहरी विकास विभाग—कुल चार पक्ष मिलकर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। दूसरी ओर राज्य सरकार ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। संभावना जताई जा रही है कि हाई कोर्ट के फैसले पर कैबिनेट में चर्चा हो सकती है, हालांकि अभी कैबिनेट बैठक की तारीख तय नहीं हुई है।
सरकार और महाधिवक्ता पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण है। प्रदेश में अभी भी डिजास्टर एक्ट लागू है और इसे कब वापस लिया जाएगा, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अब सभी की निगाहें 20 जनवरी की बैठक पर टिकी हैं।
हाई कोर्ट के फैसले का अध्ययन कर रही सरकार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पंचायत चुनावों को लेकर हाई कोर्ट के फैसले का प्रदेश सरकार अध्ययन कर रही है। उन्होंने दोहराया कि पंचायत चुनाव कराना सरकार की प्राथमिकता है और पहले भी अप्रैल या मई में चुनाव कराने की बात कही जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में सभी स्टेक होल्डर्स से बातचीत कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
नई वोटर लिस्ट बनाने में लगेगा समय
पंचायती राज विभाग के सचिव सी. पालरासू ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में 30 अप्रैल की डेडलाइन के भीतर चुनाव कराना मुश्किल है। वर्तमान में परिसीमन की प्रक्रिया जारी है और 31 जनवरी तक पंचायतों का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। इसके चलते नई वोटर लिस्ट तैयार करनी होगी, जिसमें समय लगेगा। फिलहाल पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने की तत्काल आवश्यकता नहीं लग रही है।















































